Bewafa Shayari In English

aaj wo thak jayenge

aaj wo thak jayenge jhakam pe namak rakh rakh kar
dard sahene ki buhut ki mili hai mujh ko ishq ke rang mein

tum ko khabar nahi magar ek sada dil ko
barbad kar diya tere do din ke piyar ne

ये प्यार था,कशिश थी,या बस फरेब कोई
किस्मत में दूरियों के भी इंतजाम थे
अब दूर तुमसे रह के महसूस ये हुआ
मंज़िल नहीं थे तुम भी बस इक मकाम थे

meri mohabbat aur teri fitrat mein fark sirf itna hai
tujhe ulfat nahi humse humein nafrat nahi tumse

हर तरफ से कटा पड़ा हूँ मैं
चीथड़ों में बेबस सा सिमट रखा हूँ मैं
क्या गुनाह किया इश्क़ करके मैंने
जो तुम्हारी दुनिया में मरा पड़ा हूँ मैं

इश्क ऐ परवान से हमने तरासा था तुजे
मूरत क्या बनी नजर लग गयी
मेरे खुरदुरे से हाथो से तेरी लकीर मिट गयी
माना तक़दीर का लिखा सच है मेरी तो कुर्बत मिट गयी

Bewafa Shayari