har raat gujarti hai

har raat gujarti hai

aayista bolne ka andaaz tera buhut kamaal ka hai
kaan sonte nahi kuch bhi lekin dil sab kuch samjh jata hai

ये दिल न जाने क्या कर बैठा
मुझसे बिना पूछे ही फैसला कर बैठा
इस ज़मीन पर टूटा सितारा भी नहीं गिरता
और ये पागल चाँद से मोहब्बत कर बैठा

har raat gujarti hai meri taaron ke darmiyan
mein chand to nahi par tanha zarur hun

खता हो गयी तो सजा बता दो
दिल में इतना दर्द क्यों है वजह बता दो
देर हो गयी है याद करने में ज़रूर
लेकिन तुमको भुला देंगे ये ख्याल दिल से मिटा दो
mere baad meri kahani likhna
kaise huwi barbaad meri jawani likhna

इस दिल को किसी की आस रहती है
निगाहों को किसी सूरत की प्यास रहती है
तेरे बिना किसी चीज़ की कमी तो नही
पर तेरे बेगैर जिन्दगी बड़ी उदास रहती है

HD Shayari