Shayari Hi Shjayari

khubsurti to pahle

मुमकिन नहीं किसी को समझाना समझे बिना किसी से दिल लगाना
बहुत आसान है किसी को प्यार करना मगर बहुत मुश्किल है किसी को भोल पाना

khubsurti to pahle bhi bohut thi lekin
hum ne chaha to azab dhank se nikhra hai wo piyaar

दिल ने सोचा था के उसे टूट कर चाहेंगे
सुच मनो टूटे भी बहुत चाहा भी बहुत

hazaaron khamiyan hai mujh mein maloom hai
par ek shaks hai nadaan jo mujhe anmol kaheta hai

नहीं कोई ज़रूरत याद रखने की हमें
हम खुद याद आयेंगे जहाँ वफ़ा का ज़िक्र होगा

Hindi Shayari