koy chupata hai

koy chupata hai

कोई छुपाता है, कोई बताता है
कोई रुलाता है, तो कोई हंसाता है
प्यार तो हर किसी को ही किसी न किसी से हो जाता है
फर्क तो इतना है कि कोई अजमाता है और कोई निभाता है

उसकी याद की वाद-ए-सवा में जाने कैसा होता होगा
मेरे बाल है बिखरे बिखरे और बिखर जाते होगे

कितना दर्द है दिल में दिखाया नहीं जाता
गंभीर है किस्सा सुनाया नहीं जाता
एक बार जी भर के देख लो इस चहेरे को
क्योंकि बार-बार कफ़न उठाया नहीं जाता

कलम उठाई है लफ्ज नही मिलता
जिसे ढूँढ रहा हूँ वो शक्स नही मिलता
फिरते हो तुम जमाने की तलाश में
बस हमारे लिए तुम्हें वक्त नही मिलता

Whatsapp DP images