Breakup Shayari Ki Diary

maana ke mujhse woh

मैं लोगों से मुलाक़ातों के लम्हें याद रखता हूँ
मैं बातें भूल भी जाऊं पर लहज़े याद रखता हूँ
जरा सा हट के चलता हूँ ज़माने की रवायत से
जो सहारा देते हैं वो कन्धे हमेशा याद रखता हूँ

Maana Ke Mujhse Woh Khafa Rahe Honge
Ho Sakta Hai Woh Mujhe Aazma Rahe Honge
Hum Utni Hi Shiddat Se Yaad Karenge Unhein
Jitni Shiddat Se Woh Humein Bhula Rahe Honge

भटकती फिरती है मोहब्बत हवस के नाम पर
दो रूहो का मिलन देखे जमाना बीत गया

रस्मों रिवाज की जो परवाह करते हैं
प्यार में वो लोग गुनाह करते हैं
इश्क वो जुनून है जिसमें दीवाने
अपनी खुशी से खुद को तबाह करते हैं
आदत नई हमे पीठ पीछे वार करने की दो शब्द काम बोलते है पर सामने बोलते है

Breakup Shayari