New Aashiqui Shayari

new aashiqui shayari

जो फाँस चुभ रही है दिलों में वो तू निकाल
जो पाँव में चुभी थी उसे हम निकाल आए

ये मेरा इश्क़ था या फिर दीवानगी की इंतेहा
कि तेरे ही करीब से गुज़र गए तेरे ही ख्याल में

मजबूरियों के नाम पर दामन चुरा गये
वो लोग जिनकी मोहब्बत में दावे हजार थे

किसे खोज रहे तुम इस गुमनाम सी रुह में
वो लफ़्जो में जीने वाला अब खामोशी में रहता है

तेरा मन और मेरा मन, जिस दिन सांझा हो जाएगा
तेरी धड़कन हीर हो जायेगी, मेरा दिल रांझा हो जाएगा

Aashiqui Shayari